Pitra Dham App भक्तों की सुविधा के लिए बनाया गया है, ताकि दरबार में आने से पहले भक्त अपना टोकन बुक कर सकें और उन्हें अपने नंबर की जानकारी पहले से मिल सके। इसका उद्देश्य भीड़, लंबी प्रतीक्षा और अव्यवस्था को कम करना है, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों का समय और पैसा दोनों बच सके।
एक दरबार में सीमित नंबर
मंगलवार और शनिवार दरबार
दरबार शुरू होने का समय
भक्त ऐप के माध्यम से अपनी आने की तारीख चुनकर टोकन बुक कर सकते हैं।
बुकिंग के बाद भक्त अपने नंबर और बुकिंग की जानकारी ऐप में देख सकते हैं।
भीड़ और अव्यवस्था कम करने के लिए टोकन और नंबर व्यवस्था को आसान बनाया गया है।
Pitra Dham App किसी कमाई या लाभ के उद्देश्य से नहीं बनाया गया है। यह ऐप भक्तों की सुविधा के लिए बनाया गया है, ताकि दरबार में आने वाले भक्तों को पहले से अपनी बुकिंग और नंबर की जानकारी मिल सके।
कई भक्त दूर-दूर से आते हैं। जयपुर में भीड़ और ट्रैफिक के कारण कई बार समय पर पहुँचना मुश्किल हो जाता है, और कभी-कभी नंबर भी नहीं आ पाता। इसी परेशानी को कम करने के लिए यह टोकन व्यवस्था बनाई गई है।
यह ऐप भक्तों की सुविधा, समय की बचत और दरबार की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए है।
सरल भाषा और आसान स्क्रीन, ताकि हर उम्र के लोग बिना परेशानी ऐप का उपयोग कर सकें।
भक्त अपनी तारीख चुनकर टोकन बुक कर सकते हैं और My Booking में जानकारी देख सकते हैं।
टोकन से प्राप्त राशि मंदिर प्रबंधन और विकास कार्यों में उपयोग की जाती है।
Pitra Dham App का उद्देश्य भक्तों को दरबार से जुड़ी जरूरी जानकारी, टोकन बुकिंग, नंबर व्यवस्था और अपडेट एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है।
भक्त ऐप में लॉगिन करके अपनी आने की तारीख चुन सकते हैं और आने वाले व्यक्तियों की संख्या के अनुसार टोकन बुक कर सकते हैं।
बुकिंग के बाद भक्त अपनी बुकिंग, तारीख, नाम और नंबर से जुड़ी जानकारी My Booking सेक्शन में देख सकते हैं।
दरबार से संबंधित जरूरी सूचना और अपडेट ऐप नोटिफिकेशन के माध्यम से भक्तों तक पहुँचाए जाते हैं।
सभी भक्तों से निवेदन है कि दरबार की व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। नीचे दी गई बातें भक्तों की सुविधा और व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिखी गई हैं।
दरबार प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शाम 7:00 बजे से लगाया जाता है। भक्तों से निवेदन है कि शाम 6:30 बजे तक पहुँच जाएँ।
एक दिन में सीमित भक्तों का नंबर लिया जा सकता है। सीमा पूरी होने पर अगले दरबार में प्राथमिकता दी जा सकती है।
दरबार में उपस्थित होने पर ही सेवा उपलब्ध होगी। फोन कॉल या अन्य माध्यम से समाधान नहीं किया जाएगा।
यदि कोई भक्त ऐप से बुकिंग नहीं कर पाता है, तो वह मंदिर आकर भी अपना नाम लिखवा सकता है।
भक्त दरबार में आने से पहले ऐप के माध्यम से टोकन बुक कर सकते हैं। यदि आपको ऐप इस्तेमाल करने में कोई परेशानी हो या कोई जानकारी समझ में न आए, तो नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।